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जागरूकता एवं संचार कार्यनीति सलाहकार परिषदः-
यू.आई.डी.ए.आई. , जागरूकता एवं संचार कार्यनीति की महत्ता को मानता है इसलिए उसकी सफलता के लिए एक जागरूकता एवं संचार कार्यनीति सलाहकार परिषद की नियुक्ति की गई है यह यू.आई.डी.ए.आई. को लक्ष्य प्राप्त करने में आवश्यक जागरूकता एवं संचार रणनीति की अनुशंसा करेगा। गठन एवं उसकी अनिवार्यता के आदेश यहां देखे जा सकते है।
जगरुकता एवं संचार कार्यनीति, सलाहकार परिषद आदेश. सूचना, शिक्षा एवं संचार (आई.ई.सी.) रणनीति: -
नामांकन रणनीति में सूचना शिक्षा एवं संचार एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। आई.ई.सी. का मुख्य उदेश्य सभी साझेदारों और निवासियों को शिक्षित कर आधार संख्या से होने वाले अनेक लाभों के प्रति जागरूक करना है। पंजीयक, यू.आई.डी.ए.आई. के साथ मिलकर आधार अनुप्रयोगों की जानकारी को प्रचारित करता है ताकि शासकीय एवं अन्य योजनाओं के लाभ नियत हितग्रहियों तक पहुँचा सके।
सभी निवासियों तक विस्तृत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए आधार के संदेश को निम्न संचार चैनलो द्वारा फैलाया जाता है - प्रसारण - दूरदर्शन, रेडियो, मुद्रण, इ्रंटरनेट।
सूचना - समाचार एवं प्रकाशन।
खुले में - पोस्टर, वितरण, भित्ति - चित्र, बैनर्स होर्डिगस।
मनोरंजन - चल चित्र, खेल-कूद, विज्ञापन।
अंतव्र्यक्तिगत - आडियो, वीडियो, दूरसंचार।
बुनियादि सुविधाओं - पंजीयक एवं नामांकन एजेंसी की सुविधाओं
आधार से संबंधित सभी सामग्री के लिए निर्माण एवं कार्यान्वयन के चरण में जहां वित्त-पोषण की आवश्यकता होगी वहां यू.आई.डी.ए.आई. धन उपलब्ध करायेगा। पंजीयकों से संबंधित संचार सामग्री जिसमें आधार ब्राण्ड शामिल है को यू.आई.डी.ए.आई. धन उपलब्ध करायेगी। हालांकि, पंजीयकों को अपनी विशिष्ट जरूरतों के लिए धन स्वयं लगाना होगा।
यू.आई.डी.ए.आई. की एक समर्पित टीम उपयुक्त एजेंसी जैसे विज्ञापन एवं जनसंपर्क के साथ मिलकर आई ई सी कार्यनीति को लागू करने में पंजीयक की सहायता करेगी। |
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जागरूकता एवं संचार रणनीति सलाहकर परिषद की रिपोर्ट प्रस्तुत करना -
15 जून 2010 की जागस्कता एवं संचार कार्यनीति सलाहकर परिषद की रिपोर्ट आधार --- एक अरब लोगो तक संदेश " श्री नंदन नीलेकणी अध्यक्ष एवं श्री रामसेवक शर्मा, महानिदेशक, यू.आई.डी.ए.आई. को प्रस्तुत किया गया। सलाहकर परिषद् की नियुक्ति यू.आई.डी.ए.आई. के लिए जागरूकता एवं संचार कार्यनीति प्रतिपादित करने के लिए की गई थी।
श्री नीलेकणी ने व्यापक रिपोर्ट के लिए समिति को धन्यवाद देते हुए इस बात पर बल दिया कि यह तो अभी यात्रा की शुरूआत है भविष्य में आधार को देश भर में प्रभावशाली ढंग से संचारित करने के लिए अभी बहुत काम करना बाकी है। उन्होने टिप्पणी की कि किस तरह आधार सही मायने में क्रांतिकारी की तरह धारक को गतिशीलता प्रदान करता है। उन्होने भा.वि.प.प्रा. के सार्वभौमिक पहचान की मान्यता की गारंटी को भी दोहराया। श्री किरण खलप, अध्यक्ष, सलाहकार समीति (ए सी एस ए सी) ने भी चैनलों द्वारा संचार की जरूरत के बारे में बोले तथा कहा कि पारंपरिक मीडिया पर पूरी तरह आश्रित न रहें, विशेषकर भारत जैसे देश में जहां मौखिक परंपरा की प्रचुरता है। उन्होने आगे कहा कि भारत में पारस्परिक संचार एवं मौखिक संचार के मजबूत माध्यम है। एसीएसएसी के सदस्य श्री डी. के बोस ने कहा कि उपग्रह दूरदर्शन के कारण लोगों के व्यवहार में बड़ा बदलाव आया है। लोग जानकारी कैसे लेते है एवं व्यवहार करते है उसमें भी एक परिवर्तन आया है। श्री आर एस शर्मा ने 90 दिनों की समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समिति की सराहना की, एवं जरूरत से अधिक वादा न करने एवं भ्रामक जानकारी न देने के बारे में चर्चा की। उन्होने यह भी बनाया की समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के लिए उनकी पहचान साबित करने का काम एक अमूल्य सेवा होगी। "एसीएसएसी की रिपोर्ट के लिए "आधार-कम्यूनिकेटिंग टू ए बिलियन" क्लिक करें " |
| प्रतिपुष्टि:- |
| भा.वि.प.प्रा. के आई ई सी कार्यनीति पर किसी भी प्रकार की जानकारी, टिप्पणी या सुझाव के लिए लिखेंuidai.communication@in.com या संपर्क करें - श्री अवधेष कुमार पाण्ड़े, सहा. महानिदेशक (मीडिया एवं मुद्रण), 01123752678 भा.वि.प.प्रा., तृतीय तल, टावर -द्वितीय , जीवन भारती भवन, कनाट सर्कस, नई दिल्ली - 110001 दूरभाषः 01123752678 |




जागरूकता एवं संचार
