यूआईडीएआई

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संपर्क सूत्र स्क्रीन रीडर
होम भा.वि.प.प्रा. दस्तावेज
 
बायोमैट्रिक समिति:-
भा.वि.प.प्रा. का मूलमंत्र है कि दोहराव रोकना आधार का मुख्य आधार होगा। इसे बायोमैट्रिक्स एवं उच्च प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप का सफलता उपयोग कर प्राप्त किया जायेगा। बायोमैट्रिक समिति इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये एवं बायोमैट्रिक प्रौद्योगिकी से संबंधित सर्वोत्तम संभव जानकारी प्राप्त करने के लिये डॉ. बी.के. गैरोला, महानिदेशक, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र एन.आई.सी. की अध्यक्षता में एक बायोमैट्रिक समिति का गठन किया गया है।

बायोमैट्रिक समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट 7 जनवरी 2010 को भा.वि.प.प्रा. को प्रस्तुत की है। भा.वि.प.प्रा. ने समिति द्वारा चेहरा, अंगुलियों के निशान एवं आंख की पुतली हेतु सुझाये गये मानकों एवं सर्वोत्तम परम्पराओं को स्वीकार कर लिया है। भा.वि.प.प्रा. ने समस्त संदर्भित कारकों पर विचार करने के उपरांत यह भी निर्णय किया है कि निवासियों की सभी तीनों बायोमैट्रिक विशेषताऐं अर्थात चेहरा, सभी दस अंगुलियों के निशान एवं दोनों आंखों की पुतलियों की छवियां नामांकन प्रक्रिया के समय भा.वि.प.प्रा. प्रणाली में एकत्रित की जायेगी।

भा.वि.प.प्रा. द्वारा प्रतिवेदन स्वीकारोक्ति का कार्यालय ज्ञापन इसके साथ संलग्न है।

जनसांख्यिकी एवं डाटा फील्ड सत्यापन समिति:-

भा.वि.प.प्रा. यह भी मानता है कि आधार संख्या प्राप्त करना आसान होना चाहिए तथा इसमें किसी भी प्रकार की परेशानी की संभावना नहीं होना चाहिए एवं साथ ही विश्वसनीय भी होना चाहिए। जैसा की आधार हेतु मुख्य उद्देश्य में शामिल है कि विशेषकर निर्धनों के सत्यापन की प्रक्रिया इस तरह से तैयार की जानी चाहिए जिससे कि आवश्यक इनपुट भी प्राप्त हो जाऐ तथा कोई निर्धन आधार प्राप्त करने से वंचित भी न रहे। इन मुद्दों के समाधान हेतु श्री एन.विट्ठल, भूतपूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त, भारत सरकार की अध्यक्षता में एक जनसांख्यिकीय एवं डाटा फील्ड सत्यापन समिति का गठन किया गया है।

जनसांख्यिकीय डाटा मानकों एवं सत्यापन प्रक्रिया समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट 9 दिसम्बर 2009 को प्रस्तुत की है। इसे बाद में श्री नंदन निलेकणी, अध्यक्ष, भा.वि.प.प्रा. को प्रस्तुत किया गया था।

भा.वि.प.प्रा. द्वारा प्रतिवेदन स्वीकारोक्ति का कार्यालय ज्ञापन इसके साथ संलग्न है।
जागरूकता एवं संचार रणनीति सलाहकार परिषद:-

भा.वि.प.प्रा., परियोजना की सफलता हेतु जागरूकता एवं संचार रणनीति के महत्व को मानता है। इस संबंध में, भा.वि.प.प्रा. के उद्देश्यों को प्राप्त करने हेतु एक जागरूकता एवं संचार रणनीति सलाहकार परिषद का गठन इस जनादेश के साथ इस संबंध में सिफारिश प्राप्त करने के लिये किया गया है। परिषद के गठन के साथ साथ उसके कार्यक्षेत्र के आदेश इसके साथ संलग्न है।

जागरूकता एवं संचार रणनीति सलाहकार परिषद आदेश
आधार- एक अरब से संवाद
प्रकाशन:-
यह अनुभाग आधार नामांकन से संबंधित सभी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। यह अनुभाग भा.वि.प.प्रा. के पारिस्थितिकी तंत्र के सभी सदस्यों (निवासी, पंजीयक, नामांकन एजेंसी एवं अन्य हितग्राही) को भी उनसे संबंधित उपयोगी जानकारी प्रदान करता है।
आधार समर्थित अनुप्रयोग:-
भा.वि.प.प्रा. तकनीकी दस्तावेज:-
यू.आई.डी.ए. आई ने नामांकन प्रक्रिया में पंजीयकों के लिए उन्हें सहायता पहुंचाने हेतु दस्तावेजों का एक सेट तैयार किया है। इन दस्तावेजों के नये और निरंतर जोडे़ जाने वाले संस्करणों को यथापेक्षित रूप से वेबसाइट पर प्रस्तुत किया जायेगा।
आधार अवलोकन दस्तावेज
पंजीयकों के लिए वित्तीय सहायता
प्रक्रिया पंजीका और मार्गनिर्देश
नामांकन एजेंसी का चयन
 
भा.वि.प.प्रा. के अन्य दस्तावेज
प्रस्तुतियाँ

पंजीयकों, नामांकन एजेंसियों एवं पारिस्थिक तंत्र के अन्य सदस्यों हेतु भा.वि.प.प्रा. कई कार्यशालायें आयोजित करता है। कुछ प्रस्तुतियां नीचे सूचीबद्ध की गई हैं।


भाषण:-

24 जुलाई 2010 को 55वें राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में माननीय प्रधानमंत्री का उद्घाटन भाषण।
''...... हमें आगामी वर्षों में अपने राजकोषीय घाटे को कम करना होगा। इसका अर्थ है कि यदि हम पर्याप्त आकार की योजना को वित्तीय सहायता देना चाहते हैं तो हमें व्यापक पैमाने पर ऋण विहीन संसाधनों का उपयोग करना होगा इसके लिये सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों के बड़े घाटे को कम करने की एवं गैर लक्षित सब्सिडी में पैमाने पर कटौती करने की आवश्यकता है। विशिष्ट पहचान संख्या योजना के परिचालन के साथ सूचना प्रौद्योगिकी हमें यह अवसर प्रदान करते हैं कि इस सब्सिडी व्यवस्था का लाभ केवल उन्हें ही मिले जिन्हें इसकी आवश्यकता हैं।

प्रतिवेदन

समझौता ज्ञापन :-

भा.वि.प.प्रा., राज्य सरकारों एवं भागीदारों के सहयोग से निवासियों को आधार का वितरण करने हेतु वचनबद्ध है। इसे प्राप्त करने के लिये भा.वि.प.प्रा. ने कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये हैं जिनकी सूची नीचे दी गई है।
राज्य
भागीदार