यूआईडीएआई प्राधिकरण की संरचना

Dr. Anand Deshpande, Member (part-time), UIDAI

डा. आनंद देशपांडे

सदस्य (अंशकालिक), यूआईडीएआई

डा. आनंद देशपांडे 8 सितंबर, 2016 से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई‌) के अंशकालिक सदस्य हैं।

परसिस्टेंट सिस्टम्स के संस्थापक, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद देशपांडे आईआईटी, खड़गपुर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बी.टेक (ऑनर्स) और इंडियाना यूनिवर्सिटी, ब्लूमिंगटन, इंडियाना, यूएसए से कंप्यूटर साइंस एम.एस. और पीएच.डी. हैं। वे 1990 में परसिस्टेंट सिस्टम्स की स्थापना के बाद से ही इसे विकसित करने में एक प्रेरक शक्ति रहे हैं और आज यह सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली वैश्विक कंपनी के रूप में उभर गई है।

Dr. Saurabh Garg, CEO, UIDAI

डा. सौरभ गर्ग

मुख्य कार्यकारी अधिकारीए, यूआईडीएआई

डॉ. सौरभ गर्ग भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। इससे पहले वह प्रमुख ओडिशा में कृषि और किसान अधिकारिता के प्रधान सचिव थे, जहां उन्होंने कृषि को डिजिटल बनाने और किसानों के लिए प्रत्यक्ष आय हस्तांतरण योजना विकसित करने पर काम किया। वह भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में कार्यरत रहे हैं, जहां उन्होंने राष्ट्रीय निवेश और बुनियादी अवसंरचना निधि (एनआईआईएफ) के गठन का नेतृत्व किया; प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीतियों में सुधार पर काम किया; डिजिटल भुगतान के लिए रूपरेखा तैयार की; स्वर्ण क्षेत्र की नीतियों में सुधार किया और द्विपक्षीय निवेश संधियों (बीआईटी) के लिए वार्ताओं का नेतृत्व किया। वे 'सोशल स्टॉक एक्सचेंज'; 'कमोडिटी स्पॉट और व्युत्पन्न बाजारों का एकीकरण'; 'डिजिटल भुगतान संवर्धन; और 'वर्चुअल/क्रिप्टो करेंसी के संबंध में ढांचा' पर वित्त मंत्रालय, नीति आयोग, आरबीआई और सेबी द्वारा गठित विशेषज्ञ समितियों/कार्य समूहों के सदस्य रहे हैं। उन्होंने शहरी और औद्योगिक बुनियादी अवसंरचना के विकास के क्षेत्रों में भी कार्य किया है।

डॉ. गर्ग ओडिशा कैडर के एक आईएएस अधिकारी हैं और उन्हें सरकार के विभिन्न स्तरों - जिला, राज्य और केंद्र सरकार के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 30 से अधिक वर्षों का कार्यानुभव है। उन्होंने वाशिंगटन डीसी में भारत के कार्यकारी निदेशक के कार्यालय में विश्व बैंक के सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। वे सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक रह चुके हैं।

डॉ. गर्ग ने जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी, यूएसए से अंतर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्र और विकास में पी.एच.डी. की है। उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद से एमबीए किया है, जहां उन्हें स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया था और उन्होंने बी.टेक. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, नई दिल्ली से की है। वह लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस, लंदन में चेवनिंग गुरुकुल फेलो थे।

उन्होंने अनेक लेख प्रकाशित किए हैं और प्रशासन, बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण और वित्तीय समावेशन में नवप्रवर्तन सहित विभिन्न क्षेत्रों की पुस्तकों में लेखों का योगदान दिया है।